लीन मैन्युफैक्चरिंग (Lean Manufacturing) क्या है

लीन मैन्युफैक्चरिंग  को टोयोटा मैन्युफैक्चरिंग वे (way) भी बोला  जाता है। इसमें किसी काम करने की गति बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। किसी भी काम को करने के लिए समय को,  उस काम को करने की कठिनईया निर्धारित करती है। लीन उन्ही  कठिनईया को दूर करने का रास्ता दिखाता है।  काम करने की कठिनईयो की हम स्टेप्स (steps) बोल  सकते  है। यह स्टेप काम को शुरु करने से ख़त्म करने तक हो सकते है। उन स्टेप्स मे कुछ उस काम के लिए जरूरी होते तो कुछ जरूरी नही  होते।  जो स्टेप्स जरूरी नहीं होते उनको  waste (बिना काम)  या   नॉन वैल्यू ऐडींग (non value adding) बोल सकते है।   नॉन वैल्यू ऐडींग स्टेप्स को हटाना ही लीन (Lean) का उद्देश्य है

First P : Long-Term Philosophy

  1. Principle  पहले सिद्धांत में short term (लघु काल) के बजाय  long term (दूरगामी)  परिणाम के ऊपर जोर दिया है।  यह एक धारणा हमें  दूरगामी (Long term)  लक्ष्यों को स्थापित करने के लिये प्रेरित करता है। इसमें कहा है कोई भी काम को कंपनी के कर्मचारी,  कस्टूमर  और सोसाइटी को नज़र में रख कर करना चाहिए।

Second P: Right Process leads to Right Results

Seven Waste

Right Process  दूसरा P जोकि Process (ढंग) की improvement (सुधरने)  को बोलता है।

2. Principle   जो काम कर रहे है उस में waste (मुडा) को identify कर उस को TIMWOODS में बांटता है

  1. Time – अधिक समय में कम्पलीट करना
  2. inventory- जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखना
  3. Motion- जरूरत से ज्यादा मूवमेंट करना
  4. Waiting time- कोई प्रोसेस धीरे होने पर अगले प्रोसेस बालो को इंतजार करना
  5. overproduction- जरूरत से ज्यादा बनाना
  6. Overprocess- जरूरत से ज्यादा काम करना
  7. Defect – सारा काम करने के बाद  खराब निकल जाना
  8. Skill- अधिक एक्सपर्ट से बिना स्किल बाला काम करबाना

3. Principle Pull system पुल सिस्टम बोलता है आबश्यकता से ज्यादा ना बनाने को बोलता है। इसमे जितनी हमारी  एवरेज  ज़रुरत (average requirement) है उतना स्टॉक के लिए बोलता है

4. Principle    work  overload (heijunka) इसके अनुसार काम लगातार होना चाहिए। ना की कभी खाली बैठना और कभी दिन रात एक कर देना। इससे waste कम होता है इससे मशीन और लोगों का overburden कम होता है।

5. Principle पहली बार ठीक  करना और अगर समस्या हो तो रोक कर सही करना। Do right first time

6. Principle काम को (स्टैंडर्डज़ेशन ) standardization करके निरंतर सुधार करना ही काइज़ेन (Kaizen) बोलते है काइज़ेन का मतलब होता है की छोटी से छोटी इम्प्रोवेमेन्ट (improvement) को बोलते है।

7. Principle visual control विजुअल कंट्रोल जानी को हम 5S से जानते है। इसमें हमें अपने कार्यस्थल (workplace ) को व्यवस्थित (arrangement ) करने की प्रणाली है।

ताकि कोई workplace को काम के योग्य बना के किसी भी सामान आसानी से ढूढा जा सके।

Sort: का मतलब है बिना काम की चीजों को  कार्यास्थल (workplace)  से छांटना

Straighten: बची हुई काम की चीजों को व्यवस्थित (arrange) करना है

Shine: व्यवस्थित करके साफ करनें  को शाइन बोलते है

Standardize: साफ करने के बाद उन का स्थान  निश्चित करना है 

Sustain: स्थान निश्चित करने के बाद उसको उसी नियम का पालन करना है

Fourth P: Problem solving   

    हमे कही पॉरब्लम पहले खुद जाओ और देखो ताकि असली  पॉरब्लम को समझा जा सके। और आगे क्या निर्णय लेना है।

8. Principle केबल अच्छी तरह आजमाई गई तकनीक को प्रयोग करना चाहिए। बार-बार अलग ढ़ग़ करने से defect बढ़ जाते है।  तकनीक का उपयोग हमें अपने काम करके आउटपुट बढ़ाना है।

Third P: People  

People कोई भी आर्गेनाइजेशन (Organization) की रीढ़ कि हड्डी होती है उस के  लोग, जो इस मे काम करते है इसलिये लोगो (या employees ) का विकास  जरुरी है उसी विकास पर अगले प्रिंसिपल आधरित है 

9. Principle अपने लोगों को सीखने और सीखाने की आदत डालें। क्योंकि यही लोग अपने काम को जानते है और उन्हें पता है की इस को किस तरह से अच्छे ढंग से किया जा सकता है। उन को नई – नई चीजे सिखाये जिस से उन में काम की जिज्ञासा बनी रहें।

10. Principle अपने लोगों से जो सब से बेहतर लोगों को चुनें। जो organization के goal को जानते हो। पहले उन को अच्छे सीखा  कर उन्हें  5-6 लोगों के छोटी टीम दें। क्योकी कोई भी organization  आगे सिर्फ team work से बढ़ सकती है.

11. Principle टोयोटा अपने और अपने सप्लायरस का एक जैसा सम्मान करने को बोलता है। और हमे अपने सप्लायर की मदद करने कहता है जब हम उन की मदद करेंगे तो बदले में वे हमे अच्छी क्वालिटी देंगे।

Fourth P: Problem solving   

    हमे कही पॉरब्लम पहले खुद जाओ और देखो ताकि असली  पॉरब्लम को समझा जा सके। और आगे क्या निर्णय लेना है।

13. Principle स्थिति को देखते हुए आराम से सोच कर निर्णय दें। और जल्दी से निर्णय को impliment करें।

14. Principle आर्गेनाइजेशन में सीखने का माहौल बनायें  और  काइज़ेन (kaizen ) के ऊपर ध्यान दें।

Kanban

Kanban एक तरह का visual conrol है।  Kanban  का  जापानी  भाषा का  शब्द है।  Kan  का  मतलब है “visual”(देखना )  और  “ban” का  मतलब है (कार्ड) “card,” . इसलिये इसे visual conrol बोलते है।  इसको प्रयोग किसी भी काम की priority (प्राथमिकता ) को  समझा जा सकता है। और overproduction (जरूरत से ज्यादा बनाने ) से  बचा  जा सकता है।

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